दारुल उलूम देवबंद और जमीयत उलेमा हिंद जैसी संस्थाओं के टूटने पर चुप्पी, पसमांदा की आवाज़ पर हंगामा ?
मसला धर्म का नहीं है, मसला उस व्यवस्था का है जो वर्षों से मज़हब की आड़ में कुछ चुनिंदा लोगों के कब्ज़े में रही : मौलाना रकीब पसमांदा उलेमा बोर्ड के गठन पर ही क्यों दुखने लगता है दिल : अब्दुर रकीब अंसारी संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता जामताड़ा : पसमांदा समाज के वरिष्ठ नेता सह … Read more