योजना से संबंधित निर्माण में 10 इंच की जगह केवल 8 इंच DPC
मानक से छेड़छाड़ पर जांच व कठोर कार्रवाई की उठी मांग
संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता
देवघर : जिले के पालोजोरी प्रखंड क्षेत्र से कांकी पंचायत मसानजोर गांव में निर्माणाधीन जन-मन भवन एमपीसी को लेकर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। सरकारी मानक और तकनीकी दिशा-निर्देश के अनुसार भवन निर्माण में डीपीसी योजना लापरवाही के कारण (Damp Proof Course) की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं और किसी चूक या लापरवाही मोटाई 10 इंच रखी जानी चाहिए, लेकिन स्थल पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सिर्फ 8 इंच की ही डीपीसी डाली जा रही है जो गंभीरता से लिया जाता है। यह लापरवाही न सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि सरकारी फंड के सही उपयोग पर भी बड़े प्रश्न चिन्ह लगाती है। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को एक गंभीर निर्माण घोटाले की संज्ञा देते हुए कहा कि इतनी महत्वपूर्ण और लाखों रुपये की लागत से बन रही योजना में इस तरह की मनमानी पूरी तरह निंदनीय है। उनका कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही निर्माण मानकों की अनदेखी की जा रही है, तो आगे चलकर भवन की मजबूती, सुरक्षा और स्थायित्व पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत और निगरानी व्यवस्था में ढिलाई की वजह से ऐसी अनियमितताएँ बढ़ावा पा रही हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर गुणवत्ता जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल विपरीत है। मामले की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई गई है, परंतु अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच, दोषियों की पहचान और कड़ी विभागीय कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोककर तकनीकी टीम द्वारा पुनः माप-तौल एवं गुणवत्ता परीक्षण करवाया जाए, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग और जनता के हितों से समझौता बंद हो सके।









