संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क।
यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिए गए आसाराम को दिल और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए हाल ही में छह महीने की जमानत मिली थी। इससे पहले राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट ने भी स्वास्थ्य आधार पर उन्हें राहत दी थी। अब इसी जमानत को रद्द कराने की मांग करते हुए पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पीड़िता की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि जमानत मंजूर किए जाने के पीछे कोई ठोस आधार नहीं है। वकील का दावा है कि आसाराम पूरी तरह सक्षम हैं और विभिन्न शहरों में घूमने-फिरने की स्थिति में भी हैं, ऐसे में लंबी अवधि के इलाज की बात संदिग्ध प्रतीत होती है। याचिका में कहा गया है कि उन्होंने किसी भी अस्पताल में दीर्घकालिक उपचार नहीं कराया।
उधर इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई कर सकता है। पीड़िता की याचिका के बाद जमानत पर दिए गए फैसले पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हो गए हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि सुनवाई महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से चर्चाओं में रहा है।








