संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क।
राज्यसभा के पहले ही दिन माहौल गरमाता नजर आया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सदन में तीखी बहस शुरू हो गई। खड़गे ने नवनिर्वाचित सभापति को संबोधित करते हुए कहा कि कई लोग दावा करते हैं कि वे एक विशेष राजनीतिक दल से जुड़े हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे सदन में निष्पक्षता और संतुलन बनाए रखेंगे।
खड़गे के बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन में लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद सदन में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष पूर्व सभापति का अपमान कर चुका है। वहीं विपक्ष का कहना है कि वे केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्षता की बात कर रहे हैं।
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत ही राजनीतिक गरमाहट के साथ हुई और आने वाले दिनों में और बहसें होने की संभावना जताई जा रही है।









