डिजिटल डेस्क
नई दिल्ली/असम। भारत में चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि जीवनशैली का अहम हिस्सा है। देश के लगभग हर घर में सुबह की शुरुआत चाय से होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी भी चाय उगाई जाती है जिसकी कीमत ₹1 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है? यह खास चाय असम की ‘मनोहारी गोल्ड टी’ के नाम से जानी जाती है, जो अपनी दुर्लभता, बेहतरीन गुणवत्ता और स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या है मनोहारी गोल्ड टी
मनोहारी गोल्ड टी असम के चुनिंदा चाय बागानों में बेहद सीमित मात्रा में तैयार की जाती है। इस चाय की खेती और पत्तियों की तुड़ाई पूरी तरह विशेष तरीके से की जाती है। केवल सही मौसम और सही समय पर चुनी गई पत्तियों से ही यह चाय बनाई जाती है, जिससे इसकी गुणवत्ता सामान्य चाय से कहीं अधिक होती है।
क्यों है इतनी महंगी
विशेषज्ञों के अनुसार, मनोहारी गोल्ड टी की ऊंची कीमत के पीछे कई कारण हैं।
यह चाय बहुत सीमित मात्रा में तैयार होती है।
इसकी पत्तियों को हाथ से चुना जाता है, जिससे उत्पादन लागत अधिक होती है।
इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले दुर्लभ एंटीऑक्सीडेंट्स और बायोएक्टिव कंपाउंड्स इसकी कीमत को और बढ़ा देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बेहद अधिक है।
स्वाद और सुगंध की खास पहचान
मनोहारी गोल्ड टी अपनी मधुर सुगंध और मुलायम स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। चाय प्रेमियों का कहना है कि इसका स्वाद एक बार चखने के बाद लंबे समय तक याद रहता है। यही वजह है कि इसे लक्ज़री टी की श्रेणी में रखा जाता है।
सेहत के लिए भी फायदेमंद
इस खास चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके सेवन से
बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है,
मोटापे पर नियंत्रण रखने में सहायक तत्व मिलते हैं,
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान
मनोहारी गोल्ड टी न सिर्फ भारत, बल्कि विदेशों में भी प्रतिष्ठित चाय नीलामियों में ऊंची कीमत पर बिकती है। यह चाय असम के चाय उद्योग की वैश्विक पहचान को और मजबूत कर रही है।
कुल मिलाकर, मनोहारी गोल्ड टी भारत की चाय विरासत का एक अनमोल रत्न है, जो स्वाद, सुगंध और सेहत—तीनों का अद्भुत संगम पेश करती है।









