टाट के बोरे से बनाया फैशनेबल बैग, तीन गुने दाम में बिककर बना मिसाल

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डिजिटल डेस्क

नई दिल्ली। हुनर, सोच और मेहनत अगर साथ हो तो साधारण चीज भी असाधारण बन सकती है। इसका ताजा उदाहरण एक युवा उद्यमी ने पेश किया है, जिसने टाट के साधारण बोरे से ऐसा फैंसी और ट्रेंडी बैग तैयार किया कि वह बाजार में हाथों-हाथ बिक गया। खास बात यह रही कि इस बैग को बनाने में जहां करीब ₹890 की लागत आई, वहीं इसे ₹4000 में बेचा गया, यानी लागत से लगभग तीन गुना अधिक मुनाफा हासिल हुआ।

बेकार समझी जाने वाली चीज से कमाल का प्रयोग

युवक ने आमतौर पर अनाज या सामान ढोने में इस्तेमाल होने वाले टाट के बोरे को नए अंदाज में देखने की कोशिश की। उसने पहले खुद बैग का यूनिक डिजाइन तैयार किया, फिर एक कारीगर से इसे सिलवाया। टाट के बोरे को आधुनिक स्टाइल, मजबूत स्ट्रैप और आकर्षक लुक देकर एक ऐसा बैग बनाया गया, जो फैशन प्रेमियों को खूब पसंद आया।

सोशल मीडिया बना सफलता का जरिया

बताया जा रहा है कि यह बैग युवक ने अपने इंस्टाग्राम पेज ‘डीलक्स भैया जी’ के जरिए प्रमोट किया। सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल होते ही लोगों ने इसमें रुचि दिखाई और बैग की मांग बढ़ने लगी। यही वजह है कि पहला ही बैग उम्मीद से कहीं ज्यादा कीमत में बिक गया।

पहले भी दिखा चुका है रचनात्मक हुनर

यह युवक पहले भी अपनी रचनात्मक सोच से लोगों को चौंका चुका है। इससे पहले उसने पत्थर से बनी घड़ी तैयार कर उसे करीब ₹5000 में बेच दिया था। लगातार नए-नए प्रयोग कर वह यह साबित कर रहा है कि नवाचार और आत्मनिर्भरता से रोजगार और पहचान दोनों बनाई जा सकती है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उदाहरण स्टार्टअप और स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है। सीमित संसाधनों में भी अगर सोच अलग हो, तो स्थानीय और बेकार समझी जाने वाली चीजों से भी बड़ा बाजार तैयार किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, टाट के बोरे से बना यह फैंसी बैग सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मनिर्भर भारत और युवा उद्यमिता की सशक्त कहानी बनकर सामने आया है।

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