मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डिस्चार्ज शुल्क के नाम पर अवैध वसूली

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आईपीडी स्लिप में भी लिया जाता है ज़्यादा शुल्क, मनमानी पर लगे तत्काल रोक : रंजन चौधरी

संवाददाता

हजारीबाग : शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रबंधकीय लापरवाही चरम पर है। अस्पताल के अधिकांश वार्डों में मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने पर उनसे मनमाने ढंग से 100 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है, जिससे गरीब और सामान्य मरीज़ों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस अवैध वसूली का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह प्रक्रिया इतनी खुली है कि बीती रात दारू (हजारीबाग) प्रखंड क्षेत्र के एक पत्रकार के पिता को डिस्चार्ज किए जाने पर उनकी पत्नी से फोन पे के माध्यम से भी 100 रुपये की वसूली की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक-दो वार्डों को छोड़कर इस अस्पताल के लगभग सभी वार्डों में यह अवैध कृत्य धड़ल्ले से चल रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज़ों के लिए निर्धारित आईपीडी स्लिप का शुल्क भी मनमानी का शिकार है। नियमानुसार इस स्लिप का शुल्क 15 रुपये निर्धारित है, लेकिन कथित तौर पर मरीज़ों से 20 रुपये लिए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इस मामले में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने इसे गंभीरता से लिया है। सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजकिशोर को पूरे मामले की जानकारी दी। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने उनसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रही अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने, इस पूरे कृत्य की गहन जांच कराने और जांच में संलिप्त पाए जाने वाले सभी दोषी कर्मियों पर कठोर और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया है और यथोचित कार्रवाई का उन्हें भरोसा भी दिलाया है।

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