23 साल बाद अपराधी गिरोह का अंत, सरगना गिरफ्तार

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क।

गुमला जिले में बीते 23 वर्षों से दहशत का पर्याय बने झांगुर गिरोह पर आखिरकार शिकंजा कस गया है। गिरोह के सरगना सुप्रीम रामदेव उरांव को पुलिस ने रांची से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त और गोपनीय रणनीति के तहत की गई।

बताया जा रहा है कि रामदेव उरांव पर नरसंहार, अपहरण, रंगदारी, गोलाबारी, आगजनी और कई अन्य गंभीर आरोपों सहित 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2002 से सक्रिय यह गिरोह लगातार हत्या और आतंक की कई घटनाओं को अंजाम देता रहा था, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल कायम था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह का नेटवर्क धीरे-धीरे कमजोर किया गया था और लंबे समय से यह ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से चल रहा था। गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में राहत की लहर है। स्थानीय लोगों ने इसे बड़ी सफलता और लंबे समय से चली आ रही दहशत के अंत के रूप में देखा है।

पुलिस अब गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश में जुट गई है और उनके ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है। अधिकारी इसे कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

Bishwjit Tiwari
Author: Bishwjit Tiwari

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