झारखण्ड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क।
पाकुड़। झारखण्ड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ, जिला इकाई पाकुड़ ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में 1 से 21 नवंबर, 2025 तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। एल-5 से एल-8 स्तर के सैकड़ों कर्मियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। कर्मचारी संघ झारखण्ड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ से संबद्ध है तथा लंबे समय से सेवा शर्तों में सुधार, पदोन्नति, मानदेय वृद्धि, नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत है।

हड़ताल के पहले दिन जिला मुख्यालय में बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि वर्षों से उनकी मांगों को टालमटोल किया जा रहा है, जिसके चलते मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार यदि समय पर समाधान नहीं करती है तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हड़ताल के दौरान सभी योजनागत कार्य प्रभावित रहेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

आजीविका मिशन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य के ग्रामीण विकास और आजीविका योजनाओं में ये कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, हड़ताल से विभिन्न योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। लाभुकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियाँ ठप पड़ सकती हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि सरकार समाधान से बचती रही तो चरणबद्ध तरीके से आगे रणनीति तय की जाएगी।

इस बीच कर्मचारी संघ ने शासन-प्रशासन से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है। इधर आम जनता और लाभुकों में भी इस आंदोलन को लेकर चर्चा तेज है। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।

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