जी20 में ऐतिहासिक मुलाकात: पीएम मोदी ने जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से की बातचीत, भारत-जापान रिश्तों को मिली नई दिशा

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नई दिल्ली। जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता में जापान की नवनिर्वाचित पहली महिला प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मुलाकात की। यह ताकाइची के प्रधानमंत्री बनने के बाद किसी विदेशी नेता के साथ पहली आधिकारिक बैठक थी, जिसने भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा प्रदान की।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा की सफलता की कहानी

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “जी-20 के मौके पर जापान की प्रधानमंत्री महोदया सानाए ताकाइची से बहुत अच्छी बातचीत हुई। भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी। नवोन्मेष, रक्षा, प्रतिभा की गतिशीलता और व्यापार में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।”

क्यों है यह मुलाकात ऐतिहासिक?

· पहली महिला प्रधानमंत्री: सानाए ताकाइची जापान की इतिहास में पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन यात्रा थी।
· प्राथमिकता भारत: अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर ताकाइची ने भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता को प्राथमिकता देना भारत-जापान संबंधों की मजबूती को रेखांकित करता है।
· रणनीतिक संकेत: यह मुलाकात इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों लोकतांत्रिक देशों की साझा रणनीतिक प्रतिबद्धताओं का संकेत है।

मुख्य समझौते और चर्चा के बिंदु

सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने निम्नलिखित अहम मुद्दों पर चर्चा की:

  1. क्वाड सहयोग: जापान और भारत ने क्वाड (Quad) के माध्यम से स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक की दिशा में सहयोग को गति देने पर सहमति जताई।
  2. रक्षा और प्रौद्योगिकी: रक्षा उपकरणों के सह-निर्माण, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग को और विस्तार देने पर बल दिया गया।
  3. आर्थिक साझेदारी: जापान द्वारा समर्थित महत्वाकांक्षी भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना और प्रतिभा के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।

विश्लेषण: ‘मेड इन इंडिया’ से ‘मेड विद जापान’ की ओर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत-जापान संबंधों में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। “यह केवल एक प्रोटोकॉल मुलाकात नहीं थी,” जेएनयू में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार ने बताया। “यह एक स्पष्ट संदेश है कि जापान की नई सरकार भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना चाहती है, खासकर चीन के बढ़ते दबाव के मद्देनजर। ‘मेड इन इंडिया’ अब ‘मेड विद जापान’ की ओर बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ताकाइची के साथ पीएम मोदी की यह मुलाकात न केवल ऐतिहासिक थी, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हुई। दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा, आर्थिक और तकनीकी सहयोग से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि इससे पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को भी बल मिलेगा। यह साझेदारी आने वाले वर्षों में वैश्विक भू-राजनीति को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


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