दक्षिण अफ्रीका में पीएम मोदी ने कहा, ‘प्रवासी भारतीय हैं हमारी सबसे बड़ी ताकत’, योग-आयुर्वेद को बढ़ावा देने का किया आग्रह

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संथाल हूल एक्सप्रेस डैक्स

जोहान्सबर्ग/ नई दिल्ली। । जी20 शिखर सम्मेलन में शिरकत के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां की भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ हृदयस्पर्शी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रवासियों को भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ यानी योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का आह्वान किया। रनवे पर पारंपरिक तरीके से लेटकर किए गए स्वागत के बीच पीएम मोदी का जोरदार अभिवादन किया गया, जिसके जवाब में उन्होंने झुककर नमस्कार किया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,”दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत हुई, जो अलग-अलग सामुदायिक संगठनों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपने अनुभव साझा किए और भारत की विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की सराहना की।”

‘योग और आयुर्वेद बनें सांस्कृतिक सेतु’

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैंने उनसे आग्रह किया कि वे इसी गति से व्यक्ति-से-व्यक्ति संबंधों को मजबूत बनाते रहें। साथ ही, दक्षिण अफ्रीका में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए योग, आयुर्वेद जैसी प्रथाओं को प्रोत्साहित करें और अधिक से अधिक लोगों को ‘भारत को जानिए’ क्विज में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।” उन्होंने प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच ‘जीवंत सेतु’ बताते हुए उनकी भूमिका को रेखांकित किया।

रनवे पर लेटकर किया गया स्वागत, पीएम ने झुककर दिया जवाब

प्रधानमंत्री के स्वागत में एक अद्भुत और भावनात्मक दृश्य तब देखने को मिला, जब स्थानीय लोगों ने रनवे पर पारंपरिक अंदाज में लेटकर उनका अभिवादन किया। इस अद्वितीय स्वागत पर पीएम मोदी ने खुद आगे बढ़कर झुककर और हाथ जोड़कर नमस्कार किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया और उपयोगकर्ताओं ने इसे ‘सांस्कृतिक विनम्रता का अनूठा उदाहरण’ बताया।

प्रवासियों ने सुनी भारत की तरक्की की कहानी

इस मुलाकात के दौरान प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी को देश की तेजी से हो रही प्रगति, डिजिटल क्रांति और आर्थिक मोर्चे पर मिल रही सफलताओं पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा से उन्हें गर्व की अनुभूति होती है।

विश्लेषण: सॉफ्ट पावर से मजबूत हो रहे हैं अंतरराष्ट्रीय संबंध

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ डिप्लोमेसी का एक अहम हिस्सा है। योग और आयुर्वेद जैसी प्राचीन परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रोत्साहन देकर न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा, बल्कि इससे लोगों-से-लोगों के बीच संबंध भी मजबूत होंगे, जो द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गहराई प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा 23 नवंबर तक जारी रहेगी, जिसके दौरान वह जी20 सत्रों में जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।


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