यूपीआई ने पार की अंतरराष्ट्रीय सीमा, यूरोप के टीआईपीएस सिस्टम से जुड़ने का आरबीआई ने किया ऐलान

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संथाल हूल बिजनेस डेस्क नई दिल्ली।

भारत के डिजिटल भुगतान क्रांति के प्रतीक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने शुक्रवार को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को वैश्विक फिनटेक पटल पर स्थापित कर दिया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यूपीआई को यूरोपीय संघ के तत्काल भुगतान नेटवर्क ‘टारगेट इंस्टेंट पेमेंट सेटलमेंट’ (टीआईपीएस) से जोड़ने की घोषणा की है। यह कदम भारत और यूरोप के बीच अंतरराष्ट्रीय भुगतान के तरीके को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा करते हुए कहा, “यह कदम डिजिटल पेमेंट्स को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा और भारत की फिनटेक क्रांति को दुनिया के सामने लाएगा। यह न केवल भुगतान प्रणाली की दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक एकीकरण को भी गहरा करेगा।”

क्या है यह इंटरलिंकिंग और कैसे काम करेगी?

· सीधा और त्वरित भुगतान: इस सिस्टम के लागू होने के बाद, एक भारतीय पर्यटक पेरिस के एफिल टावर के पास किसी कैफे में चाय का बिल या कोई भारतीय व्यापारी जर्मनी में किसी सप्लायर को भुगतान सीधे अपने यूपीआई ऐप के जरिए, कुछ ही सेकंड में और बिना任何 अतिरिक्त फॉरेन एक्सचेंज शुल्क के कर सकेंगे।
· व्यापक पहुंच: यूपीआई अब यूरोपीय संघ के 20 देशों में सीधे काम करेगा, जहां टीआईपीएस नेटवर्क सक्रिय है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच रीयल-टाइम फंड ट्रांसफर संभव हो सकेगा।
· चरणबद्ध कार्यान्वयन: आरबीआई ने बताया कि यह प्रोजेक्ट चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट 2026 की पहली तिमाही में शुरू होगा, जिसके बाद पूर्ण पैमाने पर एकीकरण किया जाएगा।

विशेषज्ञों की नजर में यह कदम कितना अहम?

· व्यापार और रेमिटेंस को बढ़ावा: आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर और डिजिटल पेमेंट्स विशेषज्ञ डॉ. अजय गर्ग ने कहा, “यह न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत को ग्लोबल फिनटेक लीडर के रूप में स्थापित करेगा। इससे रेमिटेंस और क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स में क्रांति आएगी। यूरोप में काम कर रहे भारतीय professionals के लिए पैसे भेजना अत्यंत सरल हो जाएगा।”
· सुरक्षा पर ध्यान: कुछ विशेषज्ञों ने इसके साथ ही साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता पर जोर दिया है, ताकि यह अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली साइबर हमलों के जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित रहे।

सोशल मीडिया पर जोरदार प्रतिक्रिया

आरबीआई के इस ऐलान ने सोशल मीडिया पर खूब सराहना बटोरी है। #UPIgoesGlobal जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यूपीआई अब दुनिया जीत रही है! अब यूरोप घूमने जाने पर Forex का झंझट खत्म।” हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसके साथ-साथ रुपये की गिरावट जैसे घरेलू आर्थिक मुद्दों पर भी ध्यान देने की बात कही।

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आरबीआई कीयह पहल भारत की डिजिटल सार्वभौमिकता और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है। यह कदम न केवल आम भारतीयों और व्यापारियों के लिए फायदेमंद साबित होगा, बल्कि वैश्विक फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की भूमिका को और भी मजबूती प्रदान करेगा।


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