जलस्रोतों पर अतिक्रमण करने वालों पर होगी FIR, ध्वस्त होंगे अवैध निर्माण : हेमंत सोरेन

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नदियों, तालाबों और डैम जैसे जलस्रोतों पर अतिक्रमण कर बनाए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे सभी अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त करने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और वर्तमान योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों से गुजरने वाली नदियों, तालाबों और डैमों पर अवैध कब्जा पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने शहरी निकायों को ऐसे अतिक्रमणों का सर्वे कर नोटिस जारी करने और युद्धस्तर पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में राजधानी रांची स्थित कांके डैम के संरक्षण पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को डैम में गिरने वाले गंदे नालों को तत्काल बंद करने, कैचमेंट एरिया की मापी कराने और घेराबंदी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही लोगों को भी डैम में गंदा पानी नहीं छोड़ने के लिए जागरूक करने को कहा।

शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड क्षेत्रों में सोलर पैनल लगाने और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अगले 15 दिनों के भीतर इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष लाने को कहा।

स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी बड़े आवासीय परिसरों, अपार्टमेंट्स, होटलों और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। झिरी स्थित कचरा निस्तारण केंद्र समेत अन्य स्थानों पर आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया गया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से राजमहल, साहिबगंज और धनबाद में संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भी अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही मानसून से पहले सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग कराने का आदेश भी जारी किया, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, रांची नगर निगम आयुक्त सुशांत गौरव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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