संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
चतरा: झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर चतरा सदर थाना में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में अंचल अधिकारी (CO), अंचल निरीक्षक (CI), राजस्व कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप
सदर थाना कांड संख्या 234/26 के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि नगवां मोहल्ला स्थित 26 डिसमिल जमीन के स्वामित्व संबंधी सरकारी रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर कर फर्जी तरीके से म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) कराया गया। शिकायतकर्ता फियाज अहमद का दावा है कि उक्त जमीन उन्होंने विधिसम्मत तरीके से खरीदी थी और लंबे समय से उस पर उनका कब्जा है।
फर्जी दस्तावेजों से जमीन का सौदा
शिकायत के अनुसार, कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य जाली दस्तावेज तैयार कर जमीन का सौदा दूसरे व्यक्तियों के नाम कर दिया। आरोप है कि अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में भी बदलाव किया गया और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
फियाज अहमद ने बताया कि पहले स्थानीय थाना में शिकायत करने के बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
इन लोगों को बनाया गया आरोपी
एफआईआर में तत्कालीन सीओ अनिल कुमार, सीआई विरेंद्र कुमार, राजस्व कर्मचारी सीमा कुमारी सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप कुमार, हीरा कुमार, मनोज कुमार, मुकेश कुमार, उदय कुमार, साबरा खातून और सलमा खातून को नामजद आरोपी बनाया गया है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









