छात्रवृत्ति भुगतान में देरी पर एबीवीपी का आक्रोश मार्च

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छात्र बोले अब और इंतज़ार नहीं

सिर्फ मिली है तो तारीख पर तारीख लेकिन भुगतान के नाम पर शून्य : कुमार विषेक विद्यार्थी

संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति भुगतान में लगातार हो रही देरी के खिलाफ छात्रों का धैर्य आखिर टूट ही गया। गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की अगुवाई में विश्वविद्यालय परिसर से उपायुक्त कार्यालय तक विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया। इस मार्च में सैकड़ों छात्रों ने भाग लेकर सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की और छात्रवृत्ति भुगतान में जारी अनियमितताओं पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। सुबह से ही विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं की भीड़ इकट्ठा होने लगी। हाथों में बैनर, तख्तियां और झंडे लिए छात्र अपनी-अपनी समस्याओं को मुखरता से सामने रख रहे थे। छात्रवृत्ति हमारी हक़ है, भुगतान में देरी क्यों, सरकार जवाब दो जैसे नारों से विश्वविद्यालय परिसर और शहर के मुख्य मार्ग गुंजायमान रहे। मार्च आगे बढ़ते हुए शहर के मध्य से होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचा, जहां छात्रों ने घंटों तक धरना–प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बीच जिला कल्याण पदाधिकारी मुरली यादव छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने छात्रवृत्ति भुगतान के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि एससी/एसटी श्रेणी के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति की भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इसके तुरंत बाद ओबीसी छात्रों को भुगतान किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर सभी पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया जाएगा। हालाँकि अधिकारी के इस आश्वासन ने छात्रों की नाराज़गी को शांत नहीं किया। छात्रों ने कहा कि वे पहले भी कई बार ऐसे ही वादों का इंतजार कर चुके हैं, सिर्फ मिला है तो तारीख पर तारीख लेकिन भुगतान के नाम पर शून्य लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की बातों पर अब भरोसा करना मुश्किल हो गया है। एबीवीपी नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजना में देरी होना सीधे-सीधे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेलना है। संगठन के एक पदाधिकारी ने कहा यह सिर्फ भुगतान में देरी नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। यदि जल्द ही सारी छात्रवृत्तियाँ नहीं दी गईं, तो एबीवीपी पूरे जिले में और भी बड़े आंदोलन का बिगुल फूंकेगी। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रवृत्ति रुकने से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई छात्र हॉस्टल शुल्क, परीक्षा शुल्क और अन्य आवश्यक खर्चों का वहन नहीं कर पा रहे हैं। कुछ छात्रों ने बताया कि वे आर्थिक तंगी के कारण क्लास छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। कई ने पार्ट टाइम काम तलाशना शुरू कर दिया है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुमार विषेक विद्यार्थी ने कहा सरकार हमेशा हमें डिजिटल शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य का सपना दिखाती है, लेकिन छात्रवृत्ति जैसे मूलभूत अधिकार तक समय पर उपलब्ध नहीं करा पाती। अगर छात्रवृत्ति सरकार उपलब्ध नहीं कर रही है तो छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए जो भी कॉलेज में छात्र एडमिशन लेना चाहते हैं उनका एडमिशन फ्री कर देना चाहिए ताकि छात्र परेशान नहीं हो और छात्रवृत्ति छात्र नहीं लेंगे। उपायुक्त कार्यालय के बाहर छात्रों के तेवर तीखे होते गए। एबीवीपी ने साफ चेतावनी दी कि यदि वादा किए गए समय में छात्रवृत्ति नहीं मिली, तो संगठन जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी तक चरणबद्ध आंदोलन करेगा। हालांकि प्रशासन यह दावा कर रहा है कि भुगतान प्रक्रिया तकनीकी कारणों से विलंबित हुई है और अब नियमित रूप से आगे बढ़ रही है, लेकिन छात्रों का धैर्य जवाब दे चुका है। मार्च के अंत में छात्रों ने कलेक्ट्रेट गेट पर सामूहिक प्रतिज्ञा ली कि वे भुगतान होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। एबीवीपी ने कहा कि वे जल्द ही एक बड़ा हस्ताक्षर अभियान, जनसंपर्क यात्रा और विश्वविद्यालय–स्तर पर धरना कार्यक्रम तय करेंगे। अब पूरी नजर इस बात पर है कि प्रशासन अपने वादे पर कितना खरा उतरता है। आने वाले दिनों में भुगतान की रफ्तार ही यह तय करेगी कि आंदोलन शांत होगा या और ज्यादा उग्र रूप लेगा। फिलहाल छात्रों का स्पष्ट कहना है अब और इंतज़ार नहीं।

Bishwjit Tiwari
Author: Bishwjit Tiwari

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