संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। राजभवन में आयोजित होने वाले समारोह के लिए व्यापक तैयारी की गई है और इसे एक बड़े राजनीतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं से लेकर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री तक शामिल होंगे, जिससे इस शपथ ग्रहण की सियासी अहमियत और बढ़ गई है।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति इसकी प्रमुख खासियत होगी। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कई केंद्रीय मंत्री इस अवसर पर मौजूद रहने वाले हैं।
देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण के साक्षी बनेंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री (पदनाम के अनुसार) रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी तथा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शामिल हैं।
इस अवसर को बिहार में नई राजनीतिक स्थिरता और नए जनादेश की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार के साथ मंत्रिपरिषद का विस्तार भी जल्द शुरू होगा और कई नए चेहरों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शपथ ग्रहण समारोह में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी यह संकेत देती है कि केंद्र और बिहार सरकार के बीच सहयोग और तालमेल को और मजबूत किया जाएगा। बिहार के विकास और सुशासन के एजेंडे पर आगे बढ़ने की उम्मीदों के साथ राज्य आज एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है।









