सीबीआई का बड़ा छापा: हाजीपुर में रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर समेत चार गिरफ्तार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


नई दिल्ली।  हाजीपुर रेलवे डिवीजन में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) के डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) समेत चार लोगों को रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों में कार्यालय अधीक्षक, एक निजी कंपनी एम/एस JPW इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट मैनेजर, और उसी कंपनी का एक कर्मचारी शामिल है।

कैसे हुआ खुलासा?

CBI ने 17 नवंबर 2025 को आरोपी इंजीनियर और उनके सहयोगियों के खिलाफ विश्वसनीय सूचना के आधार पर मामला दर्ज किया। जांच में यह सामने आया कि रेलवे निर्माण से जुड़े ठेकों में निजी ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए आरोपी अधिकारी रिश्वत ले रहे थे।
CBI के अनुसार, आरोपी अधिकारियों ने घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग पर जानबूझकर आंख मूँद ली, जिससे निजी कंपनी को बड़ा फायदा हुआ और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुँचा।

जाल बिछाकर पकड़ लिया गया कार्यालय अधीक्षक

सीबीआई ने 17 नवंबर को ही जाल बिछाया और हाजीपुर स्थित कार्यालय अधीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद दो निजी व्यक्ति (प्रोजेक्ट मैनेजर और कंपनी का कर्मचारी) भी गिरफ्तार किए गए।

जप्त हुई बड़ी रकम

कार्रवाई के दौरान लगभग ₹98.81 लाख की नगद राशि 8 अलग-अलग लिफाफों/बैगों में बरामद की गई। नकदी पर अलग-अलग मार्किंग भी मिलीं, जो रिश्वत के बंटवारे की ओर इशारा करती हैं।

कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी

CBI अब तक इस मामले में 11 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है—

  • बिहार में 5
  • झारखंड में 1
  • छत्तीसगढ़ में 3
  • पश्चिम बंगाल में 2

जांच अभी भी जारी है, और एजेंसी को कई और सुराग मिलने की उम्मीद है।

अदालत में पेश, कस्टडी मंजूर

सभी गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से CBI को कस्टोडियल रिमांड मिल गई है। पूछताछ के दौरान रिश्वत के नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त अधिकारियों पर भी एजेंसी की नजर है।

रेलवे में भ्रष्टाचार पर सख्ती

CBI ने कहा है कि रेलवे जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह कार्रवाई एक बड़े अभियान का हिस्सा है।


Leave a Comment

और पढ़ें