संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
ढाका। बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अदालत द्वारा मौत की सज़ा सुनाए जाने के बाद देशभर में उबाल आ गया है। फैसले के कुछ ही घंटों में राजनीतिक माहौल विस्फोटक हो गया और अवामी लीग के समर्थक बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आए। राजधानी ढाका से लेकर चट्टोग्राम, खुलना और राजशाही तक कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन उग्र होते चले गए।
सूत्रों के अनुसार, जगह-जगह प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं। कुछ स्थानों पर आगजनी, पथराव और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएँ भी दर्ज की गईं। कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
अब तक हिंसक झड़पों में कम से कम दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अनेक लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए देश के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कई शहरों में सेना को भी रणनीतिक स्थानों पर लगाया गया है ताकि हालात और न बिगड़ें।
अधिकारियों का कहना है कि फैसले के बाद अचानक भड़की हिंसा को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इंटरनेट सेवाओं पर भी निगरानी बढ़ाई गई है ताकि अफवाहों का प्रसार रोका जा सके। उधर, विरोध कर रहे समूह फैसले को “राजनीतिक प्रतिशोध” बता रहे हैं और इसकी पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी में हैं।
देश में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।









