संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
जमशेदपुर। बिरसानगर थाना क्षेत्र में 10 नवंबर को विश्वकर्मा इंजीनियरिंग कंपनी में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पूरे लूटकांड का मास्टरमाइंड कंपनी का ही कर्मचारी अजीत बेहरा था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने अजीत बेहरा और उसके सहयोगी बाबू सरदार उर्फ नेपु को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों के पास से 1.23 लाख रुपये नकद, एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, एक स्कूटी, हेलमेट और लूट की राशि से खरीदा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि अजीत बेहरा पहले से भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसने कंपनी के अंदरूनी हालात और जानकारी का फायदा उठाते हुए लूट की पूरी साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार इस वारदात में कुल चार लोग शामिल थे। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
लूट की राशि को लेकर भी विवाद का मामला सामने आया है। जहां कंपनी प्रबंधन ने 10.25 लाख रुपये की लूट की बात कही है, वहीं आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में करीब साढ़े चार लाख रुपये लूटे जाने की बात स्वीकार की है। बरामदगी में अभी तक 1.23 लाख रुपये हासिल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि बची हुई राशि और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस के इस खुलासे से मामले की परतें खुलीं और यह साबित हो गया कि घटना किसी बाहरी गैंग का काम नहीं बल्कि अंदरूनी मिलीभगत का परिणाम थी।









