धनबाद के सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था, ऑक्सीजन व बेड की कमी से मरीज बेहाल

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

धनबाद के सरकारी अस्पतालों की जर्जर व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (SNMMCH) में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि मरीजों को न बेड मिल पा रहा है और न ही पर्याप्त ऑक्सीजन की सुविधा। ऑक्सीजन सपोर्ट वाले सभी बेड पहले से ही भरे हुए हैं, जबकि प्रतिदिन 10 से अधिक गंभीर मरीज सांस की दिक्कत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संसाधनों की कमी के कारण नए मरीजों को मजबूरन ऑब्जर्वेशन रूम में रखा जा रहा है, जहां सिलिंडर के सहारे ऑक्सीजन दी जा रही है। कई मरीजों ने बताया कि अस्पताल में समय पर न बेड मिल रहा है, न प्राथमिक सुविधाएं—जिससे गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए जोखिम और बढ़ गया है।

अस्पताल के कई विभागों में नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की भी भारी कमी है। मरीजों ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि जमीन पर मरीजों को लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। वहीं, ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों के परिजन बार-बार निजी सिलिंडर की तलाश में भटकते दिख रहे हैं।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने कहा कि राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होते हुए भी SNMMCH की अव्यवस्था अब चरम पर पहुंच चुकी है। शहर ही नहीं, आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों का बोझ इस अस्पताल पर है, लेकिन व्यवस्थाएं उसी अनुपात में विकसित नहीं हो सकीं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। मरीजों और उनके परिजनों की पीड़ा साफ बताती है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने की आवश्यकता है, वरना स्थिति और भयावह हो सकती है।

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