संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) द्वारा सुनाई गई मौत की सजा के बाद अब उनका पहला बयान सामने आया है। हसीना ने फैसले को पूरी तरह पक्षपाती, अवैध और राजनीतिक प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि ICT के पास न तो लोकतांत्रिक अधिकार है और न ही ऐसा कोई संवैधानिक औचित्य, जिससे वह इस प्रकार का निर्णय दे सके।
गौरतलब है कि ICT ने 2024 के विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान हुई मौतों को मानवता के खिलाफ अपराध मानते हुए शेख हसीना को अनुपस्थिति में दोषी पाया था। अब हसीना ने इस फैसले को जनादेश और विपक्ष को कमजोर करने की साज़िश बताया है।
पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमा खान कमाल ने भी ICT के निर्णय को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अदालत का यह आदेश अवामी लीग की नेतृत्व शक्ति को खत्म करने की कोशिश है। उन्होंने ट्रिब्यूनल को “अवैध अदालत” बताते हुए फैसले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया।
बांग्लादेश में फैसले के बाद से राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण है। राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, अवामी लीग समर्थक इस फैसले को लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे न्याय प्रक्रिया का परिणाम बता रहा है।
शेख हसीना के बयान ने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब बांग्लादेश की राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच भी इस फैसले और इसके प्रभावों पर करीबी नजर बनाए हुए है।









