रांची। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की एक बड़ी कार्रवाई में कोडीन फास्फेट युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का एक बड़ा सिंडिकेट उजागर हुआ है। जांच में पता चला है कि झारखंड की राजधानी रांची स्थित एक थोक दवा कंपनी ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध रूप से लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई की है।
रांची से निकली थी सप्लाई की जड़ें
जांच अधिकारियों के मुताबिक, रांची स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स नामक कंपनी पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश के 93 थोक दवा विक्रेताओं को बड़ी मात्रा में फेन्सीडील (Phensedyl) जैसा प्रतिबंधित कफ सिरप बेचा। इन 93 विक्रेताओं में सिर्फ वाराणसी जिले के ही 26 दवा व्यापारी शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह सिंडिकेट नशे के रूप में इस सिरप का इस्तेमाल करने वालों को अवैध रूप से दवा उपलब्ध करा रहा था।
वाराणसी में हुई थी शुरुआत, रांची तक पहुंची जांच
इस मामले की जांच की शुरुआत वाराणसी से हुई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान जब दवा दुकानों के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि कई विक्रेताओं के पास इतने बड़े लेन-देन का कोई उचित दस्तावेज या बिक्री रिकॉर्ड नहीं था। गहराई से जांच करने पर रांची स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स का नाम सामने आया।
कंपनी और मालिकों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
इस बड़े खुलासे के बाद, ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने शनिवार देर शाम कोतवाली थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई गई। इस एफआईआर में कुल 28 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें मेसर्स शैली ट्रेडर्स के मालिक भोला प्रसाद और उनके बेटे शुभम जायसवाल प्रमुख हैं। शेष आरोपी वाराणसी और आस-पास के दवा व्यापारी बताए जा रहे हैं।
पुलिस की तेज तलाशी अभियान जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिंडिकेट काफी लंबे समय से सक्रिय था और इसकी जांच दायरे को और विस्तारित किया जा सकता है।
पूर्व में हुई मौतों के बाद बढ़ी थी सख्ती
गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद पूरे देश में औषधि प्रशासन विभाग लगातार इन दवाओं के स्टॉक और वितरण पर नजर बनाए हुए था। इसी कड़ी की एक कार्रवाई के तहत वाराणसी में यह बड़ा सिंडिकेट पकड़ में आया है।









