नई दिल्ली । भारत और इजरायल ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति को मजबूती से दोहराते हुए अपनी रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने का संकल्प लिया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सा’अर के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हु

इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति जताई:
· सहयोग का विस्तार: रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति
· आतंकवाद विरोधी रुख: आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति की पुष्टि
· कूटनीतिक प्रशिक्षण: विदेश मंत्रालयों के बीच प्रशिक्षण समझौते पर हस्ताक्षर

डॉ. जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि भारत और इजरायल के बीच संबंध “विश्वास और पारस्परिक हितों” पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इजरायली विदेश मंत्री सा’अर ने भारत को “विश्व की सबसे बड़ी लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था” बताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।
गौरतलब है कि भारत-इजरायल संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुए हैं और 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 10 बिलियन डॉलर से अधिक रहा। यह बैठक दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।









