मानसून सत्र आज से शुरू, पीएम मोदी ने की सार्थक चर्चा की अपील; विपक्ष हंगामे की तैयारी में

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करते हुए सभी सांसदों से सकारात्मक, तथ्यपूर्ण और सार्थक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे देश के लिए मानसून महत्वपूर्ण होता है, वैसे ही मानसून सत्र भी तभी सफल होता है जब सदन सुचारु रूप से चले और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां सभी दलों को तर्क और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए तथा हर आवाज का सम्मान किया जाना चाहिए।

पहले दिन हंगामे के आसार, सरकार लाएगी सात विधेयक

मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के आसार हैं। विपक्ष सोनम वांगचुक के अनशन, NEET-UG पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

वहीं केंद्र सरकार इस सत्र में सात महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित सुप्रीम कोर्ट (संशोधन) विधेयक पेश किया जाएगा। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से जुड़े संशोधन विधेयक को सदन में प्रस्तुत करेंगे।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा सत्र

18वीं लोकसभा का नौवां सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिनों के इस सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश नई ऊर्जा और नई गति के साथ आगे बढ़ रहा है तथा संसद का यह सत्र उस विकास यात्रा को और मजबूत करने का अवसर है।

विकास कार्यों और युवाओं की उपलब्धियों का किया उल्लेख

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की गई है। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन से संचालित ट्रेन की शुरुआत को भी भारत की बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवा अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस स्टार्टअप में काम करने वाले युवाओं की औसत आयु मात्र 28 वर्ष है, जो भारत की युवा शक्ति और नवाचार क्षमता का प्रतीक है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की विकास दर का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक युद्ध और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। उन्होंने इसे देश की मजबूत अर्थव्यवस्था और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा कि भारत आज दुनिया में एक भरोसेमंद और सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

सहयोग की अपील

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह मानसून सत्र जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सकारात्मक निर्णयों का माध्यम बने, जिससे देश के विकास को नई गति मिल सके।

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