रांची: झारखंड आंदोलनकारियों की लंबित मांगों को लेकर बुधवार को राजधानी रांची में बंद का असर देखने को मिला। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। आंदोलनकारियों ने राज्य गठन के 26 साल बाद भी अपने अधिकारों से वंचित रहने का आरोप लगाते हुए सरकार से मांगों को पूरा करने की अपील की।
50 हजार रुपये मासिक पेंशन और नौकरी की मांग
मोर्चा के नेताओं का कहना है कि अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में योगदान देने वाले कई आंदोलनकारी आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में आंदोलनकारियों को 50 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान पेंशन और उनके आश्रितों को नौकरी देने की मांग शामिल है। मोर्चा ने सरकार से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील की है।
बंद से पहले निकाला गया मशाल जुलूस
बंद के समर्थन में मंगलवार शाम को शहीद चौक से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया था। इसमें पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता समेत मोर्चा के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान लोगों से बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील की गई।
मोर्चा नेता पुष्कर महतो ने भी कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों पर लंबे समय से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के हित में पहल करने की मांग की।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, यातायात प्रभावित
बंद को देखते हुए रांची के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।









