कुहासे और शीतलहर के बीच बीएसएफ के 375 नवआरक्षकों की पासिंग आउट परेड संपन्न

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संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

हजारीबाग : मेरू में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहायक प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई परेड ग्राउंड पर आज घने कुहासे और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद एक यादगार दीक्षांत परेड का आयोजन हुआ। इस समारोह में 375 नवआरक्षकों ने 44 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद देश सेवा की शपथ ली और बीएसएफ की प्रथम रक्षा पंक्ति के सदस्य बने। ठंडी शीतलहर और कुहासे ने परेड को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया, लेकिन नवआरक्षकों के जोश और अनुशासन ने सभी को प्रभावित किया। परेड सुबह शुरू हुई, जब कुहासा इतना घना था कि दृश्यता कम हो गई थी। फिर भी, नवआरक्षक पूर्ण वर्दी में, कदम से कदम मिलाकर मार्च करते हुए मैदान पर उतरे। उनकी ड्रिल, समन्वय और उत्साह देखते ही बनता था। मुख्य अतिथि महानिरीक्षक धीरेंद्र संभाजी कुंटे (बीएसएफ) ने परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और नवआरक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कुहासे और ठंड के इस कठिन मौसम में भी आपने जो अनुशासन और समर्पण दिखाया, वह प्रशंसनीय है। आप अब बीएसएफ के गौरवशाली सदस्य हैं। देश की सीमाओं की रक्षा में सदैव चौकस रहें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। आईजी कुंटे ने सभी नवआरक्षकों का मनोबल बढ़ाया और हार्दिक बधाई दी। यह परेड न केवल नवआरक्षकों की उपलब्धि का प्रतीक थी, बल्कि उनके परिवारों के लिए गर्व का पल भी। परेड ग्राउंड पर उपस्थित अभिभावकों की आंखें नम थीं और चेहरे पर मुस्कान। कई माता-पिता ने कहा कि ठंड और कुहासे के बावजूद उनका बच्चा देश सेवा के लिए तैयार है, यह सबसे बड़ा सौभाग्य है। हजारीबाग के स्थानीय नागरिकों और अन्य व्यक्तियों ने भी परेड देखी और नवजवानों के साहस की तारीफ की। बीएसएफ मेरू प्रशिक्षण केंद्र भारत के प्रमुख केंद्रों में से एक है, जहां जवानों को शारीरिक प्रशिक्षण, हथियार चलाना, कानूनी ज्ञान और आधुनिक युद्ध कौशल सिखाया जाता है। इन 375 नवआरक्षकों ने लंबी दौड़, बाधा पार करना, रात्रिकालीन अभ्यास और कठिन ड्रिल जैसी चुनौतियों का सामना किया। प्रशिक्षण में मानवाधिकार, समुदायिक संबंध और आंतरिक सुरक्षा के पहलू भी शामिल थे। कुहासे भरे इस मौसम में परेड करना उनके प्रशिक्षण की सच्ची परीक्षा थी, जिसे उन्होंने उत्कृष्टता से पास किया। रानी लक्ष्मीबाई परेड ग्राउंड, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर, देशभक्ति की भावना जगाता है। बैंड की धुनों पर मार्च और शपथ ग्रहण का दृश्य प्रेरणादायी था। सभी नवआरक्षकों ने एक स्वर में राष्ट्र और बल के प्रति निष्ठा की शपथ ली। ठंडी हवा और कुहासा उनके चेहरों पर स्पष्ट था, लेकिन उनकी आंखों में देशसेवा का जज्बा चमक रहा था। ये नए जवान अब देश की विभिन्न सीमाओं पर तैनात होंगे, जहां दुर्गम इलाके, कठिन मौसम और खतरे उनका इंतजार करेंगे। लेकिन आज की परेड ने साबित कर दिया कि बीएसएफ के जवान किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं। समारोह में केंद्र के अधिकारी, प्रशिक्षक और स्टाफ उपस्थित रहे। हजारीबाग में मौसम विभाग ने शीतलहर और कुहासे की चेतावनी जारी की थी, लेकिन इससे परेड की भव्यता कम नहीं हुई। यह आयोजन बीएसएफ की मजबूती और समर्पण का प्रतीक बना।

Bishwjit Tiwari
Author: Bishwjit Tiwari

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