धनबाद | संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
कोल इंडिया लिमिटेड के नवनियुक्त चेयरमैन बी. साईराम गुरुवार को अध्यक्ष पद संभालने के बाद अपने पहले आधिकारिक दौरे पर धनबाद पहुंचे। रांची से सड़क मार्ग के जरिए धनबाद पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले केंदुआडीह क्षेत्र में गैस रिसाव से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने सुरक्षा व्यवस्था, प्रभावित लोगों के पुनर्वास की स्थिति और गैस रिसाव को रोकने के लिए अपनाई जा रही तकनीकी प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। कोल इंडिया प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : बी. साईराम
निरीक्षण के दौरान चेयरमैन बी. साईराम ने स्पष्ट कहा कि लोगों की सुरक्षा उनकी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि किसी भी तरह की जान-माल की क्षति न हो। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।
उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की परेशानी या खतरे की स्थिति महसूस हो, तो तुरंत बीसीसीएल और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
भूमिगत खदानों के कारण जटिल है समस्या
चेयरमैन बी. साईराम ने कहा कि केंदुआडीह क्षेत्र की समस्या काफी जटिल है, क्योंकि यहां भूमिगत खदानें मौजूद हैं और सौ साल से भी अधिक पुराना माइनिंग सिस्टम कार्यरत रहा है, जहां सीधे पहुंच बनाना आसान नहीं है। इसी कारण गैस रिसाव की समस्या को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि नाइट्रोजन फ्लशिंग जैसी वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य तकनीकों के माध्यम से जहरीली गैसों के प्रभाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। चेयरमैन ने भरोसा जताया कि जैसे ही यहां सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे, उसी मॉडल को अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी तेजी से लागू किया जाएगा।
कोल इंडिया प्रबंधन की सतर्क नजर
कोल इंडिया प्रबंधन ने एक बार फिर दोहराया कि गैस रिसाव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड पर हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









