संथाल हूल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
नई दिल्ली। झारखंड और पश्चिम बंगाल को सीधे जोड़ने वाले राजमहल–मानिकचक गंगा पुल के निर्माण की मांग को लेकर राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय कुमार हांसदा एवं राजमहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मो. ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने संयुक्त रूप से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री को लिखित मांग पत्र सौंपते हुए गंगा नदी पर पुल निर्माण की आवश्यकता और इसके दूरगामी लाभों से अवगत कराया।
मांग पत्र में सांसद और विधायक ने बताया कि गंगा नदी पर राजमहल–मानिकचक के बीच पुल का निर्माण होने से यह झारखंड से पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला एकमात्र स्थायी गंगा पुल होगा। इससे न केवल दोनों राज्यों के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और परिवहन को भी नई गति मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पुल के अभाव में वर्तमान में लोगों को लंबा चक्कर लगाकर यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय, श्रम और संसाधनों की बर्बादी होती है। यदि इस पुल का निर्माण होता है, तो साहिबगंज जिला सहित संथाल परगना क्षेत्र को आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से बड़ा लाभ मिलेगा। क्षेत्र में उद्योग, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पुल झारखंड के पिछड़े माने जाने वाले संथाल परगना को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच आसान होने से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मांग पत्र को गंभीरता से लेते हुए मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया। सांसद विजय हांसदा और विधायक एमटी राजा ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस महत्वपूर्ण जनहितकारी परियोजना पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर लोगों में उत्साह है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि राजमहल–मानिकचक गंगा पुल का निर्माण होता है, तो यह न केवल झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा, बल्कि संपूर्ण संथाल परगना के विकास की नई राह खोलेगा।









