कैबिनेट की मंजूरी, मक्का, रागी और दालों समेत सभी फसलों के समर्थन मूल्य में इजाफा, लागत का डेढ़ गुना मूल्य सुनिश्चित
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आगामी 2025-26 खरीफ विपणन सीजन के लिए 22 अनिवार्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में यह फैसला कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर लिया गया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस बार सभी घोषित MSP किसानों की उत्पादन लागत (A2+FL) से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को आगे बढ़ाता है।

प्रमुख फसलों के नए दाम:
· धान (सामान्य): ₹2,369 प्रति क्विंटल (पिछले साल ₹2,300)
· मक्का: ₹2,400 प्रति क्विंटल (₹2,225), सर्वाधिक 7.9% की वृद्धि
· अरहर दाल: ₹7,850 प्रति क्विंटल (₹7,550)
· रागी: ₹4,500 प्रति क्विंटल (₹4,290)
· कपास (मध्यम रेशा): ₹7,421 प्रति क्विंटल (₹7,121)
क्या कहते हैं आंकड़े?
कृषिमंत्रालय के मुताबिक, पिछले खरीफ सीजन 2024-25 में सरकार ने रिकॉर्ड 122.3 मिलियन टन अनाज और दालों की खरीद की, जिस पर ₹3.47 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। नए MSP से देश के करोड़ों खरीफ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
हितधारकों की प्रतिक्रिया:
जहाँप्रमुख किसान संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, वहीं कुछ संगठनों ने MSP की गणना में स्वामीनाथन आयोग की पूर्ण लागत (C2+50%) फॉर्मूले को लागू करने की अपनी मांग दोहराई है। सरकार का कहना है कि MSP घोषणा से पहले CACP ने राज्य सरकारों, किसान नेताओं, व्यापारियों और विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया था।
MSP सरकार कीवह गारंटीकृत कीमत है, जिस पर किसानों की फसलों की सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद की जाती है। इसका उद्देश्य किसानों को बाजार में कीमतों में गिरावट के समय सुरक्षा कवच प्रदान करना है।









