संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क।
भारतीय नौसेना को जल्द ही देश में निर्मित तीसरी परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन मिलने वाली है। पनडुब्बी अपने अंतिम चरण के परीक्षण से गुजर रही है और जल्द ही इसे आधिकारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा। इसकी जानकारी नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने दी।
INS अरिदमन के शामिल होने से भारत की परमाणु त्रयी और मजबूत होगी। यह पनडुब्बी INS अरिहंत और INS अरिघात के साथ मिलकर ‘अरिहंत’ श्रेणी की सामरिक क्षमता को और सुदृढ़ करेगी। यह श्रेणी भारत की समुद्री परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जो देश की सुरक्षा रणनीति को एक नया आयाम देती है।
नौसेना प्रमुख ने यह भी बताया कि भविष्य में पनडुब्बी संचालन दल में महिलाओं को भी शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है। इससे नौसेना में लैंगिक समानता और क्षमता विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
INS अरिदमन के शामिल होने के बाद भारत की समुद्री सुरक्षा और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।









