बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानून का उल्लंघन है : उपायुक्त

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बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकास में बाधा

100 दिवसीय अभियान को लेकर जागरूकता रथ व जागरूकता रैली रवाना

संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

देवघर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा द्वारा आज समाहरणालय परिसर से 100 दिवसीय बाल विवाह रोकथाम और जागरूकता अभियान को लेकर जागरूकता रथ व जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही उपायुक्त ने अभियान की शुरुआत में बाल विवाह के रोकथाम को लेकर सभी को शपथ दिलाया एवं जागरूकता को लेकर हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया। इसके अलावा उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि बाल विवाह को जिला से पूर्णतः समाप्त करने की दिशा में हम सभी को सामुहिक प्रयास करने की आवश्यकता हैं। आगे उन्होंने कहा की बाल विवाह केवल एक समस्या नहीं है बल्कि इससे जुड़ी कई कूप्रथाएं मिल कर एक विकट समस्या बनाते हैं, जिसका निवारण आवश्यक हैं। आगे उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है और कानून का उल्लंघन है, जो बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकास में बाधा है, तथा उनके सपनों को साकार होने से रोकता है। इसलिए हम सभी का यह सामुहिक प्रयास होना चाहिए कि बाल विवाह के खिलाफ रोकथाम और समाज से इस कुरीति को खत्म करने का हर संभव प्रयास करेंगे। आगे उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ काम कर रहे गैरसरकारी संगठन व संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिला, प्रखंड व पंचायत स्तर पर जनमानस बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा कानूनी सजा एवं प्रावधानों से अवगत कराए और जागरूक करने की दिशा में कार्य करें। इस दौरान उपरोक्त के अलावा उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रंजना एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मी व स्वयं सेवी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Bishwjit Tiwari
Author: Bishwjit Tiwari

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