अफगानिस्तान में हुए एक ताज़ा हवाई हमले में 10 मासूम बच्चों की मौत हो गई। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का कारण बन गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतकों की उम्र मात्र 1 महीने से 13 साल के बीच थी। हमले में एक ही परिवार से संबंध रखने वाले सभी 10 बच्चे मारे गए।
हादसे में सईदउल्लाह के परिवार पर सबसे बड़ा हमला हुआ, जिनके 1 महीने और 3 साल की बेटियां भी इस हमले में काल का ग्रास बन गईं। घटना के बाद शवों को दफनाने के लिए स्थल पर 10 छोटी-छोटी कब्रें खोदी गईं। तस्वीरों में दिखाई दे रहा दृश्य इस त्रासदी की भयावहता को बयां करता है।
बताया जा रहा है कि यह हमला हाल ही में पेशावर में हुए आत्मघाती धमाके के बाद किया गया, जिसके बाद अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों में बम बरसाए गए। नागरिक इलाकों में हुए इस हमले की निंदा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों द्वारा भी की जा रही है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे शांति व न्याय की मांग कर रहे हैं। यह घटना फिर से साबित करती है कि संघर्ष और जवाबी कार्रवाई में सबसे ज्यादा नुकसान मासूम और निर्दोष लोगों का होता है।









