संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
अयोध्या, 25 नवम्बर 2025
अयोध्या में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को अब भी मैकाले वाली मानसिकता से पूरी तरह मुक्त होने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 190 वर्ष पहले, यानी 1835 में लार्ड मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव डाली थी, जिसका प्रभाव आज तक कई क्षेत्रों में देखा जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “2035 में उस अपवित्र घटना को 200 साल पूरे हो जाएंगे। हमें भारत को मानसिक गुलामी से मुक्त करना होगा। हमें विकार आ गया कि हमारी चीज़ में खोट है और विदेशी चीज़ अच्छी है। यह विचार हटाना आवश्यक है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अपने मूल्यों, संस्कृति, ज्ञान और उत्पादों पर गर्व करना चाहिए। आजादी के बाद राजनीतिक स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन मानसिक आज़ादी प्राप्त करने की दिशा में अभी और कदम उठाने होंगे।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। पूरे मंदिर परिसर में भव्य सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं।
प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य को आत्मगौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश माना जा रहा है, जिसका असर सामाजिक तथा वैचारिक विमर्श में देखने की उम्मीद है।









