रांची, 24 नवम्बर 2025
झारखंड के चार प्रमुख वन क्षेत्रों को राज्य सरकार ‘बर्ड हॉटस्पॉट’ के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए जनवरी 2026 से बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक सर्वे की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिन क्षेत्रों को बर्ड हॉटस्पॉट के लिए चयनित किया गया है, उनमें नेतरहाट, बेटला नेशनल पार्क, दलमा अभयारण्य और साहेबगंज वन क्षेत्र शामिल हैं।
IITDO की विशेषज्ञ टीम इन चारों अभ्यारण्यों में पक्षियों के प्रवास पैटर्न, प्रजातियों की संख्या, मौसमी बदलावों का प्रभाव और उनके व्यवहार का विस्तृत अध्ययन करेगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल झारखंड में ईको-पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा देगी। अध्ययन के बाद इन क्षेत्रों को वैश्विक बर्ड-वॉचिंग मैप पर नई पहचान मिलने की भी उम्मीद है, जिससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिल सकती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सर्वेक्षण के आधार पर संरक्षणात्मक कदम उठाए गए, तो यह पहल झारखंड को पूर्वी भारत के एक प्रमुख पक्षी-आवास केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।
राज्य सरकार ने भी संकेत दिया है कि अध्ययन रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेकिंग रूट, व्यूइंग पॉइंट और बर्ड वॉचिंग सुविधाएँ विकसित की जाएँगी, ताकि प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं को बेहतर अनुभव मिल सके।









