संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 42 हाथियों के उग्र झुंड ने दो ग्रामीणों पर हमला कर उनकी जान ले ली। मृतकों की पहचान गादी गांव की रहने वाली कांती देवी (65) और बोधि पंडित (55) के रूप में हुई है। दोनों सुबह टहलने निकले थे, तभी घने कोहरे के बीच अचानक हाथियों का विशाल झुंड वहां पहुंच गया और उन पर धावा बोल दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज कोहरे की वजह से हाथियों की मौजूदगी का अंदाज़ा तक नहीं हो सका। हमले के बाद घायल दोनों लोगों को उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल फैल गया है, और ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और झुंड को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से यह झुंड लगातार गांवों के आसपास मंडरा रहा था, जिसके चलते सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी गई थी।
राज्य में हाथियों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में हाथियों के हमलों में करीब 475 लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण हाथी अब गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष तेज हो रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में निगरानी बढ़ाने और हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर लौटाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।









