संथाल हूल एक्सप्रेस, पाकुड़
झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार से बाजार समिति के समीप सड़क के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई के तहत दी जाने वाली सुविधाओं को राज्य सरकार लागू नहीं कर रही है, जिसके कारण उन्हें समान काम का समान वेतन समेत अन्य लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि देश के कई राज्यों में आजीविका कर्मियों को केंद्र के निर्देशानुसार सुविधाएँ मिल रही हैं, लेकिन झारखंड में बार–बार आंदोलन के बावजूद उनकी मांगें लंबित हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर तक मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे विवश होकर उन्हें धरना शुरू करना पड़ा।
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने 6 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। संघ के पदाधिकारी लाल बिहारी गुप्ता ने कहा कि वे वर्षों से मिशन के तहत कार्यरत हैं, लेकिन न तो वार्षिक 10% इंक्रीमेंट मिल रहा है और न ही गृह जिले में सेवा देने की व्यवस्था लागू हो सकी है। संघ अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न सरकारी कार्यों में आजीविका कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद उन्हें अन्य राज्यों की तरह सुविधाएँ नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की।








