संथाल हूल एक्सप्रेस राँची डेस्क :
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्पित स्वयंसेवक एवं सरस्वती विद्या मंदिर, मेदिनीनगर के पूर्व संस्कृत आचार्य अशोक मिश्र का लंबी बीमारी के बाद रांची में निधन हो गया। उनके निधन से शिक्षण एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, अशोक मिश्र लंबे समय से अस्वस्थ थे और उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उल्लेखनीय है कि जीवन के अंतिम क्षणों में भी उन्होंने संघ परंपरा के अनुसार ध्वज प्रणाम किया, जो उनके अनुशासन, निष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
अशोक मिश्र ने सरस्वती विद्या मंदिर में संस्कृत आचार्य के रूप में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और अनेक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का पाठ पढ़ाया। वे अपने सादगीपूर्ण जीवन, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे।
उनके निधन पर संघ कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की है।
अशोक मिश्र का जीवन समर्पण, अनुशासन और सेवा का प्रतीक रहा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।








