संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क :
रांची स्थित Orient Craft के खिलाफ महिला कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। हजारों की संख्या में महिलाएं कंपनी के गेट के बाहर धरने पर बैठीं और बकाया वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि नियमित वेतन नहीं मिलने के कारण मकान किराया और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
महिला कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा न तो वेतन में वृद्धि की जाती है और न ही ओवरटाइम का भुगतान किया जाता है। उनका कहना है कि रोज अतिरिक्त काम कराया जाता है, लेकिन उसका उचित भुगतान नहीं किया जाता।
कर्मचारियों के अनुसार, उनकी मासिक आय 13,000 से 17,000 रुपये के बीच है, जिसमें से बड़ी राशि किराए और अन्य आवश्यक खर्चों में चली जाती है। वेतन में देरी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
वहीं, कंपनी प्रबंधन ने अपने पक्ष में आर्थिक नुकसान और वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक परिस्थितियों के कारण कंपनी प्रभावित हुई है।
इस बीच, फैक्ट्री को आवंटित जमीन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री Raghubar Das के कार्यकाल में पशुपालन विभाग की जमीन पर इस परियोजना को स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना था।
हालांकि, बढ़ते विरोध के बीच अब प्रशासन और श्रम विभाग की भूमिका पर भी नजरें टिकी हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।








