रामनाथ गोयनका स्मृति व्याख्यान में कहा – भारतीय भाषाओं और ज्ञान परंपरा को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 18 नवंबर 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को छठे रामनाथ गोयनका स्मृति व्याख्यान में घोषणा की कि साल 2035 तक भारत को थॉमस मैकॉले की 1835 की शिक्षा नीति से पूर्ण रूप से मुक्त कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नीति भारतीय भाषाओं और ज्ञान परंपरा को पीछे धकेलने वाली थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “1947 में हमने राजनीतिक आजादी हासिल की, लेकिन मानसिक गुलामी अभी बाकी है। 2035 में जब मैकॉले की नीति के 200 साल पूरे होंगे, तब तक हमें अपनी भाषाओं, संस्कृति और आत्मगौरव को पूरी तरह से वापस लाना है।”
उन्होंने रामनाथ गोयनका को याद करते हुए कहा कि गोयनका जी ने अंग्रेजी शासन और 1975 की इमरजेंसी के दौरान प्रेस की आजादी के लिए संघर्ष किया था। प्रधानमंत्री ने भारतीय भाषाओं में शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का ऐलान मान रहे हैं, जबकि कुछ अन्य ने इस पर टिप्पणियां की हैं। यह व्याख्यान देश में शिक्षा नीति और भारतीय भाषाओं के महत्व पर नई चर्चा शुरू करता प्रतीत हो रहा है।









