संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
अमेरिकी राजनीति में एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने न्यूयॉर्क के नव-निर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी पर गंभीर आरोप लगाए। एरिक ट्रंप ने दावा किया कि ममदानी भारतीय समुदाय से नफरत करते हैं और उनकी नीतियों में ‘‘सोशलिस्ट कम्युनिस्ट एजेंडा’’ साफ दिखाई देता है। उनके इस बयान ने भारतीय मूल के नागरिकों के बीच नाराजगी और राजनीतिक हलचल दोनों को बढ़ा दिया है।
एरिक ट्रंप ने कहा कि ममदानी को शहर की बुनियादी आवश्यकताओं—जैसे सुरक्षित सड़कें, स्वच्छता व्यवस्था, और उचित कर प्रणाली—पर ध्यान देना चाहिए, न कि ऐसी नीतियों पर जिनसे समुदाय विशेष के हित प्रभावित हों। एरिक के इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस जारी है। ममदानी के समर्थकों ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि यह सिर्फ राजनीतिक हमला है और इसका उद्देश्य ममदानी की छवि को प्रभावित करना है।
ममदानी हाल के वर्षों में अमेरिकी राजनीति में उभरते हुए प्रगतिशील चेहरों में से एक माने जाते हैं। वे सामाजिक न्याय, आवास सुधार और कर व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दों पर मुखर रहे हैं। भारतीय समुदाय के कई संगठनों ने भी एरिक ट्रंप के बयान की आलोचना की है और कहा है कि ऐसे आरोप समाज को विभाजित करने का काम करते हैं।
इस विवाद ने न्यूयॉर्क की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक आधार को साधने की कोशिश में हैं। भारतीय मूल के नागरिकों ने भी इस बयान पर असंतोष जताते हुए कहा कि कोई भी राजनीतिक नेता समुदायों के बीच नफरत का माहौल नहीं बनने देना चाहिए।
घटना के बाद से सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि यह विवाद कुछ समय तक चर्चा का मुख्य विषय बना रहेगा।








