लातेहार, 17 नवंबर 2025: बरवाडीह प्रखंड के मंगरा रोड स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में आठवीं कक्षा की तीन छात्राओं को कथित तौर पर झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में स्कूल से बाहर कर दिया गया। इस मामले में बाल संरक्षण इकाई ने जांच शुरू की है।
स्कूल प्रबंधन के आरोप
स्कूल प्रबंधन का दावा है कि ये छात्राएं रात के समय छात्रावास और महिला शिक्षिकाओं के कमरों के बाहर ओझा-गुनी जैसी हरकतें कर रही थीं, जिससे अन्य बच्चियों में डर का माहौल बन गया। इस आधार पर प्रिंसिपल ने छात्राओं के परिजनों को बुलाकर उन्हें घर ले जाने और दूसरे स्कूल में दाखिला लेने की सलाह दी।
परिजनों ने लगाए आरोपों को खारिज
छात्राओं के परिजनों ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया और मामले की शिकायत बाल संरक्षण इकाई से की। परिजनों का कहना है कि बच्चियों को बिना ठोस सबूतों के स्कूल से निकाला गया है।
बाल संरक्षण इकाई की जांच
सोमवार को बाल संरक्षण इकाई की सदस्य रूबी कुमारी के नेतृत्व में एक जांच टीम स्कूल पहुंची। शुरुआत में टीम को परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जांच की अनुमति मिली।
जांच में क्या निकला?
रूबी कुमारी ने जांच के बाद बताया, “विद्यालय प्रबंधन द्वारा लगाए गए आरोपों का कोई प्रमाण नहीं मिला है। आवासीय विद्यालय की बच्चियों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है।
प्रिंसिपल का बयान
विद्यालय के प्रिंसिपल कमलेश कुमार ने कहा, “कुछ छात्राएं परिसर में अनुचित गतिविधियां कर रही थीं, जिससे अन्य बच्चियां भयभीत हो गईं। उन्हें घर भेजा गया है, निष्कासित नहीं किया गया। आचरण में सुधार नहीं होने पर दोबारा घर भेजा गया।”
प्रशासन की कार्रवाई
आईटीडीए लातेहार के निदेशक प्रवीण कुमार गगराई ने बताया कि मंगलवार को एक विशेष टीम स्कूल भेजकर विस्तृत जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









