गोड्डा, 17 नवंबर 2025: जिला मुख्यालय के कनभारा स्थित कझिया नदी किनारे बनने वाला मोक्ष धाम तीन साल बाद भी अधूरा पड़ा है। 2.99 करोड़ रुपये की इस योजना का काम महज एक तिहाई ही पूरा हो पाया है, जबकि इसे वर्ष 2021-22 में ही स्वीकृति मिल गई थी।
योजना का उद्देश्य
इस मोक्ष धाम का मुख्य उद्देश्य उन गरीब परिवारों को सहूलियत देना था, जो अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम नहीं कर पाते या जिनके पास समय की कमी होती है। लेकिन यह योजना आज तक जमीन पर नहीं उतर सकी है।
संवेदकों पर उठे सवाल
योजना का कार्यभार रांची के एक संवेदक को दिया गया था, जिसे संताल परगना समेत राज्य के कई जिलों में काम आवंटित हुए थे। हालांकि, गोड्डा सहित कहीं भी कार्य पूरा नहीं कराया गया है। स्थानीय सुरक्षा गार्ड लक्ष्मण साह ने बताया कि उन्हें महीनों से वेतन नहीं मिला है और संवेदक कभी-कभार ही कार्यस्थल पर आते हैं।
नहीं लगा योजना का बोर्ड
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कार्यस्थल पर योजना का कोई शिलापट्ट या सूचना बोर्ड तक नहीं लगा है। इससे लोगों को योजना की लागत, समयसीमा और विवरण की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। शिलान्यास भी रांची से ऑनलाइन किया गया था।
निर्माण में दिख रहीं गंभीर त्रुटियां
अभी तक हुए निर्माण कार्य में ही गंभीर त्रुटियां सामने आ रही हैं। छत और दीवारों से पानी रिसने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे योजना के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि योजना की स्वीकृति से लेकर पूरा होने तक की प्रक्रिया में प्रशासनिक निगरानी का अभाव रहा। उन्होंने मांग की है कि जनउपयोगी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की जरूरत है।









