ईडी की बड़ी कार्रवाई: लोढ़ा डेवलपर्स घोटाले में 59 करोड़ की संपत्ति जब्त

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मुंबई, 17 नवंबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के पूर्व निदेशक राजेंद्र नरपतमल लोढ़ा और अन्य के खिलाफ चल र� धनशोधन मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 59 करोड़ रुपये से अधित की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई पीएमएलए एक्ट के तहत की गई।

14 स्थानों पर तलाशी अभियान

ईडी ने 12 नवंबर को मुंबई में 14 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान नकदी, बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य चल संपत्तियों के रूप में लगभग 59 करोड़ रुपये की राशि जब्त या फ्रीज की गई। साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए।

100 करोड़ के घोटाले का खुलासा

यह मामला मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज उस एफआईआर पर आधारित है, जिसमें राजेंद्र लोढ़ा पर कंपनी के 2020 के पुनर्गठन के दौरान धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि लोढ़ा ने कंपनी की संपत्तियों को कम कीमत पर अपने करीबी लोगों को बेचकर 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया।

कंपनी का बयान

लोढ़ा डेवलपर्स ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी किसी भी स्तर के कर्मचारी या निदेशक के खिलाफ गलत आचरण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। कंपनी ने बताया कि राजेंद्र लोढ़ा ने 17 अगस्त 2025 को नैतिकता समिति की समीक्षा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

टीडीआर की अवैध बिक्री

ईडी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लोढ़ा ने कल्याण के भोपर गांव में 7.15 लाख वर्ग फुट टीडीआर की अवैध बिक्री की, जिससे कंपनी को 49 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह सौदा कंपनी के बोर्ड की मंजूरी के बिना किया गया।

जांच जारी

ईडी ने बताया कि बरामद दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मामले की गहराई से जांच में मदद करेंगे। एजेंसी ने संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। इस बीच, लोढ़ा डेवलपर्स के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

(रिपोर्ट: दैनिक भारत समाचार ब्यूरो, मुंबई)

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