अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस के अवसर पर सोमवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके अधिकारों को संवर्धित करना और प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना है, ताकि वे अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकें।
कार्यक्रमों के दौरान शिक्षकों ने छात्रों को शिक्षा के महत्व, अनुशासन, कठिन परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और अवसरों से भरा मंच देना समाज की जिम्मेदारी है।
कई विद्यालयों और कॉलेजों में निबंध, वाद-विवाद, पेंटिंग, विज्ञान प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। छात्रों ने उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं, विशेषज्ञों द्वारा करियर मार्गदर्शन, डिजिटल शिक्षा के सुरक्षित उपयोग और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष सत्र भी आयोजित किए गए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आज के छात्र कल के नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, शिक्षक और समाज-सेवी बनकर उभरेंगे। ऐसे में उनका समग्र विकास सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस के इस अवसर ने यह संदेश दिया कि यदि छात्रों को सही मार्गदर्शन, अवसर और संसाधन मिलें तो वे किसी भी क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर सकते हैं। यह दिवस विद्यार्थियों की ऊर्जा, सपनों और मेहनत का सम्मान है, जो भविष्य के भारत की मजबूत नींव हैं।









