नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को कहा कि बिहार की जनता ने जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यह नतीजा पूरे देश के लिए एक उज्ज्वल संकेत है।
विकास को मिली प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “बिहार की मेरी माताओं-बहनों और नौजवानों ने आने वाले कई दशकों की राजनीति को एक मजबूत नींव दी है। इस चुनाव में राज्य के लोगों ने विकास और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए विकास के रास्ते को अपनाया है।”
जातिवादी ताकतों को मिली मुंह की खान
मोदी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में जातिवाद और सांप्रदायिकता फैलाने वाली ताकतें सक्रिय थीं, लेकिन बिहार की जनता ने इनका दृढ़ता से विरोध किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार के लोगों ने “जातिवादी जहर को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।”
मातृशक्ति और युवा शक्ति की भूमिका
प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस चुनाव में मातृशक्ति और युवा शक्ति ने एक साथ मिलकर एक नई राजनीतिक दिशा तय की है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव परिणाम देश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने चुनाव परिणामों पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ नेताओं ने इसे एक राजनीतिक पुनरावलोकन की आवश्यकता बताई, जबकि अन्य ने इसे एक चुनौती के रूप में देखा। विपक्ष के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह परिणाम बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
ऐतिहासिक महत्व का चुनाव
यह चुनाव बिहार की राजनीति में विकास और पहचान की राजनीति के बीच एक स्पष्ट विभाजन के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित किया है।









