नई दिल्ली, 15 नवंबर 2025,। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने आतंकवाद से जुड़े मामले में चार डॉक्टरों का भारतीय चिकित्सा पंजी (IMR/NMR) से नाम हटाने का बड़ा फैसला लिया है। यह कार्रवाई 14 नवंबर 2025 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) के आधार पर की गई है। इन डॉक्टरों पर दिल्ली के लाल किला के पास 19 अक्टूबर 2025 को हुए कम तीव्रता के विस्फोट से जुड़े आतंकवादी मॉड्यूल में शामिल होने का आरोप है।
प्रभावित डॉक्टर और कार्रवाई
· डॉ. मुजफ्फर अहमद (पंजीकरण संख्या: 14680/2017)
· डॉ. अदील अहमद राथर (पंजीकरण संख्या: 15892/2019)
· डॉ. मुजमिल शकील (पंजीकरण संख्या: 15130/2018)
· डॉ. शाहीन सईद (पंजीकरण संख्या: 45961/2022)
जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल ने पहले तीन डॉक्टरों, जो जम्मू-कश्मीर से संबंधित हैं, का पंजीकरण रद्द किया, जबकि उत्तर प्रदेश की डॉ. शाहीन सईद के खिलाफ अलग से कार्रवाई की गई। इन सभी को चिकित्सा पेशे से अयोग्य घोषित कर दिया गया है, क्योंकि उनके खिलाफ नैतिकता उल्लंघन और आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं।


हाल ही में दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में इस आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें 2,900 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ भी बरामद किए गए। खबरों के अनुसार, डॉ. उमर मोहम्मद, जो इस मॉड्यूल से जुड़े थे, ने लाल किला के पास विस्फोट को अंजाम दिया, जिसके बाद जांच तेज हो गई। इस घटना में नौ लोगों की मौत हुई थी, और इसे आतंकवादी हमले के रूप में दर्ज किया गया है।
सरकार ने इस मामले की गहन जांच जारी रखने और अन्य संभावित संलिप्तताओं की पड़ताल करने की बात कही है। गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही संकेत दिए थे कि आतंकवाद के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें सीमा पार की संलिप्तता भी शामिल हो सकती है। यह घटना भारत में आतंकवाद और चिकित्सा पेशे की विश्वसनीयता पर एक गंभीर सवाल उठाती है, और जनता के बीच इस फैसले की व्यापक चर्चा जारी है।









