नई दिल्ली, 15 नवंबर 2025। आज जनजातीय गौरव दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए संदेश में पीएम मोदी ने बिरसा मुंडा के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान ने हर पीढ़ी को प्रेरित किया है।

बिरसा मुंडा: जनजातीय अस्मिता के प्रतीक
भगवान बिरसा मुंडा, जो “धरती आबा” के नाम से प्रसिद्ध हैं, ने 19वीं सदी में झारखंड के छोटानागपुर पठार में ब्रिटिश हुकूमत और स्थानीय जमींदारों के शोषण के खिलाफ “उलगुलान” (महान विद्रोह) का नेतृत्व किया। 1899-1900 के बीच हुए इस विद्रोह ने जनजातीय अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। मात्र 25 वर्ष की आयु में ब्रिटिश हिरासत में उनकी मृत्यु हुई, लेकिन उनका बलिदान आज भी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
जनजातीय गौरव वर्ष का शुभारंभ
प्रधानमंत्री ने इस अवसर को और खास बताते हुए कहा कि 2024-2025 का यह वर्ष “जनजातीय गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान देश भर में जनजातीय विरासत और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को उजागर करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पीएम ने पिछले साल बिरसा मुंडा के जन्मस्थल उलिहातु की यात्रा का भी उल्लेख किया और इस बार जमुई, बिहार में शहीद तिलका मांझी की वीरता को याद करते हुए कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
सरकारी पहल और सम्मान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवसर पर लगभग 6,640 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ, जिसमें बिरसा मुंडा जनजातीय उपवन की स्थापना भी शामिल है। इसके अलावा, पीएम ने बिरसा मुंडा के सम्मान में स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किए। यह कदम जनजातीय समुदायों के उत्थान और प्रकृति संरक्षण की उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बिरसा मुंडा की शिक्षाएं, जिसमें जल-जंगल-जमीन का संरक्षण और ग्रामीण भारत का सशक्तिकरण शामिल है, आज भी प्रासंगिक हैं। आने वाले दिनों में देश भर में होने वाले सांस्कृतिक और आर्थिक कार्यक्रम इस विरासत को जीवंत रखने में मदद करेंगे।
(रिपोर्ट: दैनिक भारत समाचार ब्यूरो)








