रांची, 15 नवंबर। झारखंड के कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर शनिवार को उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य के 25वें स्थापना दिवस के साथ ही ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने बिरसा मुंडा की याद में फूलों की मालाएं अर्पित की और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

समाधि स्थल को पीले गेंदे के फूलों और हरे पत्तों से सजाया गया था। बिरसा मुंडा, जिन्हें ‘धरती आबा’ के नाम से जाना जाता है, 19वीं सदी के एक प्रमुख आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने 1899-1900 के बीच ‘उलगुलान’ विद्रोह का नेतृत्व किया था।
केंद्र सरकार ने 2021 में 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित किया था। इस वर्ष यह समारोह बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में विशेष महत्व रखता है।








