मानवता की मिसाल बने रेलकर्मी, बीमार पोर्टर की मदद को रातभर डटे रहे साथी

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पाकुड़। मुश्किल समय में साथ निभाने वाले ही सच्चे साथी कहलाते हैं। ऐसी ही इंसानियत और आपसी सहयोग की मिसाल शुक्रवार रात पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली, जब केंद्रीय पैनल में कार्यरत पोर्टर सोहित कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के सदस्य बिना देर किए मदद के लिए पहुंच गए। संगठन के सक्रिय सदस्य संतोष कुमार, भोपाली कुमार यादव, शिवम कुमार, पंकज यादव, सनी कुमार, अमित कुमार, संजय पासवान समेत अन्य साथियों ने मिलकर बीमार रेलकर्मी की सहायता की और उन्हें तत्काल इलाज के लिए पाकुड़ सदर अस्पताल पहुंचाया।

सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद संगठन के सदस्यों ने परिजनों को सूचना दी और आवश्यक व्यवस्था कर उन्हें भागलपुर भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रेलकर्मियों की इस तत्परता और मानवीय संवेदना की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की। घटना ने यह साबित कर दिया कि रेलवे परिवार केवल कार्यस्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि सुख-दुख में एक-दूसरे का मजबूत सहारा भी बनता है।

रात के अंधेरे में जब एक कर्मचारी स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा था, तब उसके साथी देवदूत बनकर उसके साथ खड़े रहे। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि इंसानियत और सहयोग की भावना आज भी समाज में जीवित है। साथी का दर्द अपना दर्द समझना ही सच्ची मानवता है और पाकुड़ के रेलकर्मियों ने इसे अपने व्यवहार से साबित कर दिखाया।

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