संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध के बाद निर्णय
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से जारी छात्र विरोध-प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र लगातार धरने पर थे और उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा था। इस मांग को कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया था।
शनिवार को युवाओं को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की।
शिक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा कि जंतर-मंतर पर चल रही स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर किसी तरह की कानूनी पेचीदगियों में न उलझें, इसी वजह से वह इस्तीफा दे रहे हैं।
प्रधान ने अपने संबोधन में नीट से जुड़े संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में युवाओं के हित सर्वोपरि हैं और प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर उठाए गए कदमों को लेकर आगे भी स्पष्टता जरूरी होगी।
इस बीच, छात्रों के प्रदर्शन के अगले चरण और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय और सरकार की ओर से औपचारिक प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।









